Monday, September 1, 2014

10. Megh - Musa subcaste - मेघ : मूसा उपजाति का उद्गम


मूसा जाति और उसका प्राचीन इतिहास

बाड़मेर-जैसलमेर के पाकिस्तान से सटे क्षेत्र में मूसा लोगों का मेघ जाति में बाहुल्य है। ये अपने आपको सिंध से आया हुआ बताते हैं। जो सत्य प्रतीत होता है। मूसा जन जाति का सिंध में एलेग्जेंडर (सिकंदरसे पहले सुस्थापित राज्य था। वे उस समय तक बौद्ध धर्म के अनुयायी थे। मुसलमान धर्म में अभी प्रवेश नहीं हुआ था। यूनानी इतिहास में एलेग्जेंडर के इतिहासकारों ने इनके मुखिया या राजा को musikanus या मुसे के नाम से वर्णित किया है। एलेग्जेंडर से इनका युद्ध हुआ। परिणिति जो हुईइतिहास में वर्णित है। फिर ये काबुलअफ़ग़ान के क्षेत्रों में राज्यासीन होते है। मुसलमानों के आक्रमण भी सहन करते हुए थार-मारवाड़ में आ बसते हैं। अफ़ग़ान और काबुल के मूसा मुसलमान हो जाते हैं। मारवाड़ में नयी राजनीतिक शक्ति मुसलमानों के प्रभाव और सहयोग से उभरती है। मूसा अपने clan में दृढ़ रहते हैं। ये मगोइ/मल्ल/मेघ जातीय समूह से होते हैं। मेघों के पराभाव की कहानी शुरू हो जाती है। Afghanistan Ethnography says about them, as under--- "musa is also an old tribe, and anciently held the Indus valley about the modern Lower Derajat and Upper Sind.----+-+-to rebel against Alexander, was reduced, and along with many Brahmans crucified as an exemplary punishment. Musa are now found widely distributed along the Indian boarder and Suleman range, as clans and sections of several of the larger Afghan tribes" page-16,

Rattan Gottra, राज कुमार मेघवँशी and 4 others like this.

Tararam Gautam अरब के प्राचीन इतिहास में भी इसी तरह का वर्णन है। बौद्ध धर्म का अरब में विध्वंस होने के साथ ही मूसा (sub clan of megh ethnic group) लोगों के बारे में है। वहां अब वे ज्यादातर मुस्लमान है और अब वे मूसा (मुसलमानों का एक देवको अपना आदि पुरु बताते हैं। और भी रोचक व महत्त्व पूर्ण सूचनाएं मुसों के बारे में अरब हिस्ट्री में है।

Kantilal Solanki : मेघ भी अनादि है नहीं तो मुसलमान समाधि नहीं देते जलाते



Bharat Bhushan Bhagat: सिंधुघाटी सभ्यता में जलाने की नहीं बल्कि दफनाने की परंपरा थीबात स्पष्ट है कि सिकंदर से लोहा लेने वाले मेघवंशी ही थेयह जान कर रोमांच हो आयाऐसा प्रतीत होता है मेघों की सब से बड़ी कमज़ोरी यह रही कि उन्होंने बौधधर्म के अहिंसा तत्त्व के अतिविस्तारित अर्थ को ग्रहण करते हुए सामूहिक आत्मरक्षा के लिए भी सामूहिक हिंसा का परित्याग कर दिया था.

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  1. 10. मेघ : मूसा उपजाति का उद्गम

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