Monday, September 1, 2014

5. Megh - As a village official

सामंती व्यवस्था में ग्रामीण प्रशासन में जागीरदार की महत्वपूर्ण भूमिका होती थी। वह गांव का सर्वोच्च पदाधिकारी होता था। उसके नीचे हवालदार और कणवारिया होते थे। जोधपुर के पास एक तिंवरी गांव है। वहां की जागीर किसी राजपुरोहित के पास थी।

तिंवरी गांव में एक उम्मेदाराजी कटारिया थेजिन्होंने बेगारी उन्मूलन हेतु बहुत बड़ा संघर्ष किया और उस forced labour के विरुद्ध आन्दोलन का नेतृत्व भी किया। जिनके वहां धर्माजी यदा--कदा जाया करते थे। मेरी उम्र दस वर्ष से बहुत कम थी तब मुझे भी उन्हें कई बार देखने का अवसर मिला। वे बहुत बूढ़े थे। उनकी मृत्यु के पश्चात उनके पीछे बहुत बड़ा आयोजन रखा गया था। बहुत सी मिठाइयाँ और पकवान आदि बने थे।

मेरी जिज्ञासा उनके बारे में जानने की होने पर मैंने वहां के राजपुरोहित कानसिंह जी से पूछा। उसने बताया कि ये जो कटारिया लिखते हैं वे मेघवाल हैं और हमारे (राजपुरोहित जागीरदारके कणवारिया थे। कनवरिया कौन होते हैंइसका भी उसने अर्थ समझाया और बेगार नहीं करने के आन्दोलन की कुछ गलतियाँ गिनाईं। आजादी से पहले मेघवालों ने खुला विद्रोह बेगार प्रथा के विरुद्ध किया उन्हें क्या मिला आदि-आदि।

मैं उस पर नहीं जाना चाहता। यहाँ यह कहना चाहता हूँ कि कणवारिया आदमी राज का नौकर होता था और उसकी जिम्मेवारी फसल की निगरानी करना होता था ताकि किसान फसल की चोरी नहीं कर ले और राज को घाटा नहीं हो जाय। तिंवरी में कनवारिये मेघवालों में से होते थे। यह कोई वंशानुगत पदवी या पद नहीं होता थापरन्तु राज में ग्रामीण प्रशासन में ऊँचा ओहदा माना जाता था। बाम्भी भी एक ओहदा या पदवी होती थी परन्तु वह निम्न श्रेणी की होती थी। बाम्भी भी प्रायः मेघवालों में से ही होता था। इसलिए कई जगह इस कौम का नाम ही बाम्भी पड़ गया।

सामंती व्यवस्था में इनकी क्या भूमिका थीराजपुताना गजेटियर के 1879 के संस्करण में लिखा है- "village officials are as follows: first the havildar-------second, kanwaria, who guards the fields, and prevent the cultivators stealing the corn, third, tarafdar--------fort, tolavati------,these officials are nominated by the Darbar, or the jagirdar, as the case may be and are paid by the villagers."---------"In addition to above, the officials are- the Chaudhry, Patwari, and the Bambhi . These officials are not hereditary, and the jagirdar can nominate any one he likes to them. During the period these certain persons hold their appointments, they enjoy certain privileges and immunities for which they pay something in cash yearly to the jagirdar." (Page 240)



1 comment:

  1. 5. Megh : As a village official- मारवाड़ में सामंती व्यवस्था में मेघ एक सरकारी कारिन्दा था। उसे कनवारिया या बाम्भी नाम से पुकारा जाने लगा।

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