Monday, September 1, 2014

8. पालीवाल जाति प्राचीनकाल की बुद्धानुयाई

राजस्थान के पालीवाल पिछली कुछ शताब्दियों से ब्राह्मण जाति में शुमार हो गए और आज ये अपने आपको ब्राहमण ही समझते हैं और ब्राह्मण ही कहते हैं। हिन्दू धर्म की जातिवादी व्यव्वस्था में उन्होंने अपना स्थान ब्राह्मण जाति में बना ही दिया परन्तु बहुत कम लोग जानते हैं कि हिन्दू धर्म में शुमार होने से पहले ये बौद्ध धर्म के पाठी थे। ये लोग बौद्ध धर्म के अनुयायी और बुद्ध पूजक ही थे।



कभी इन पर विस्तृत प्रकाश डाला जायेगा। अभी यहाँ rajputana gazetteer, volume -2, publication-1879 के पृष्ठ 262 पर इनके बारे में जो विवरण है उसमें से वह पंक्ति आपके विचारार्थ रख रहा हूँ जिससे आप जान ले कि मेरे द्वारा पालीवालों को बुद्धानुयाई कहना कितना ठीक या गलत है-- "the Brahman of Pali tribe.....all allegorical tales regards......the followers of the religion of Buddha or Jaina, and their feuds with the Brahmanical sects. It is evident that Pipa, Pali worshipped both, and the very name induces a belief THAT WHOLE PALIWAL CASTE ARE CONVERTS FROM BUDDHISM" (Page-262.)

1 comment:

  1. 8. मेघ : पालीवाल जाति प्राचीनकाल की बुद्धानुयाई-

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