Monday, February 15, 2016

149. राज कुमारी हाणी और हाणी बाव:

राज कुमारी हाणी और हाणी बाव:
Bombay Gazetteer volume-8, bombay,1884,
At page no. 415, हानी वाव यानि कि हानी बावडी का निर्माण राजकुमारी हानी द्वारा करवाया गया था। राज कुमारी हानी मेघ थी, एसी कहानी है। ढेढ़( मेघवाल) उसे अपनी जाति की मानते है। इसका निर्माण हाणी कुमारी ने सन् 1389 सम्वत् 1445 में मंत्री गदाधर की देखरेख में करवाया था। जयसिंह के पुत्र चुडासम मोकलसिंह के राज्य काल में यह निर्वाण हुआ। इस कुए पर नक्कासी में एक शेषशाही भगवान या विष्णु की है। गांव वाले उसे हानी की मूर्ति मानते है और पुत्रवती स्त्रियां और वे जिनकी गाये कम दूध देती है, इसकी मनौती रखती है और मूर्ति को दूध से नहलाती है। मेघों की यह देवी है....
   .बॉम्बे गजेटियर वोल्यूम 8 पेज 415, 1884, बॉम्बे, ग्रोवरनमेंट प्रेस


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