Tuesday, April 26, 2016

155. Meghs of Punjab and Christian faith

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       पंजाब में ईसाइयत का प्रवेश सन् 1834 में हुआ माना जाता है। ईसाई धर्म का प्रचार और प्रभाव शहरी पढ़े लिखे लोगों में हुआ और कई लोगों ने इस धर्म को स्वीकार किया। मेघ लोगों का आर्य समाज दवारा आर्य या हिन्दू बनाये जाने से पूर्व सियालकोट में ईसाई मिशनरियों का कार्य प्रारम्भ हो चुका था। प्रथम बार सन् 1866 में सियालकोट के ज़फरवाल इलाके के आस-पास के मेघों ने ईसाई धर्म को स्वीकार किया। उसके बाद 1871 व् 1884 में भी मेघों ने ईसाई धर्म को स्वीकार किया। सं 1884 में 59 लोगों ने इसाइयत स्वीकार की। (Reference: Fredrick and Margaret Stock: People movements in the Punjab with special reference to the United Presbyterian Church,  South Pasadena, William Carey Library, 1975, 33-47)
See also, Punjabi Christians by John C.B.Webester, Union Theological Seminar,, New York City.
      इसके बाद आर्य समाज की स्थापना हो गयी और आर्य समाज ने उनका वैदिकीकरण करके हिन्दू धर्म में मिलाया। आर्य समाज और मेघ पर मेरी पोस्ट देखें

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