Friday, April 21, 2017

166. काछबाराम

जोधपुर रेलवे स्टेशन के सामने कलिंगा के पास कोर्नर पर शान्ति भवन लॉज वाली लाल हवेली भी काछबाराम की ही थी ! जिसे भी खुर्द-बुर्द कर दिया गया।
[4/21, 1:00 PM] Tararam Jodhpur: बाड़मेर की सबसे बड़ी बिल्ड हुआ करती थी कभी!
[4/21, 1:02 PM] Tararam Jodhpur: After his death many people taken possession of its various parts and altered too .
[4/21, 4:01 PM] Tararam Jodhpur: हमारे इधर होली पर नवजात बच्चे की ढूंढ़ पर यह गाया जाता है। बच्चे को माँ हाथ में लेकर आँगन में खड़ी रहती है। ढूंढ़ ने वाले उसके ऊपर डंडे बजाते हुए यह दोहराते है।  फिर उनको नारियल और बख़्शीश देकर विदा करते है। यह होली मंगलाने के बाद उसी रात को किया जाता है....
*हरि हरि रे हरिया वेल,*
      *डावे कवले चम्पा वेल।*
कोकड़ माय जाड़ बूट,
       इण घर इतरा घोड़ा ऊंट।।

*इण घर इतरी गायों भैयों,*
       *इण घर इतरी टिंगडियों।*
इण घर जाया लाडल पुत,
       छोटी कुलड़ी चमक चणा।।

*डावे हाथ लपुकों ले,*
       *जीमणे हाथ चंवर ढोलाव।*
ज्यों ज्यों चम्पो लेहरों ले,
        डावे हाथ लेहरियों ले।।

*सात हवाणी जणा पच्चास,*
      *गेरीयो रो पूरो हास।*
घर धणयोंणी बारे आव,
        गुडरी भेली लेती आव।।

*साकलियों रो डालो लाव,*
         *गेरीयों री आस पुराव।*
गेरिया आया थारे द्वार,
          हरि हरि रे हरिया ढूंड।।

*हो........* हो........

  🌷
🌹🌹🌹🌹
[4/21, 4:05 PM] Tararam Jodhpur: हरिया: हरा
वेळ: बेल
डावे: बांया
कोंकड़: सीमा
माय: अंदर
झाड़ बूट: झाड़ झंखार
इतरा: इतना
इण: यह
इतरी: इतनी
......
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